
आज की पोस्ट में हम आपको बताऐगे कि urvashi ne arjun ko kaun sa vardan tatha kaun sa shrap diya थे और साथ में हम आपको यह भी बताएंगे कि उर्वशी ने अर्जुन को यह shrap क्यों दिए और वरदान क्यों दिए जानेगे सभी के बारे में विस्तार से इसलिए पोस्ट को लास्ट तक पढिऐ
जब अर्जुन दिव्या शास्त्र की खोज के लिए निकले थे तब उन्हें उर्वशी अपना दिल दे बैठी थी और उर्वशी ने अर्जुन से कहा कि तुम मुझे स्वीकार करो लेकिन अर्जुन ने कहा कि मैं तुम्हें माता कुंती के समान मानता हूं और अपनी माता के रूप में स्वीकार करता हूं इतना सुनते हि उर्वशी क्रोध में आ गई और अर्जुन को नपासुकता का का श्राप दे दिया बाद में देवी देवताओं के समझाने के बाद उर्वशी ने यह श्राप सिर्फ 1 वर्ष के लिए कर दिया और देवी देवताओं ने कहा यह तुम्हारे लिए वरदान भी साबित होगा
उर्वशी ने अर्जुन का कोई भी वरदान नहीं दिया था बल्कि एक श्राप हि दिया था जो आगे चलकर उनके लिए वरदान भी बना इसी को सभी लोग मानते हैं कि उर्वशी ने वरदान दिया था लेकिन यहे एक श्राप था जब वह अग्यात वास काट रहे थे तो सभी पांडव को अपनी पहचान छुपाने कि जरुर थी इसी के बीच arjun को कौरवों से युद्ध करना पडा और उसे वक्त अर्जुन ने भीनिलला के रुप मे कोरवो को अपना परिचय दिया उस समह अर्जुन नापंसक थे और इसी वजह से कोई भी अर्जुन को नहीं पहचान सका इसीलिए यह श्राप अर्जुन के लिए वरदान बना
अब आप जान गऐ होगे कि urvashi ne arjun ko kaun sa vardan tatha kaun sa shrap diya था